Friday, May 18, 2018

अँग्रेजी मजबूरी है तो स्वाभिमान है हिन्दी !


अँग्रेजी मजबूरी है तो स्वाभिमान है हिन्दी !
भारत के जन जन पहचान है हिन्दी !
पंत, निराला भूषण के प्राण है हिन्दी !
आत्मा ही नही ब्रह्म के मर्म का ज्ञान है हिन्दी !!
विश्व मे भारत की पहचान है हिन्दी !
 मुक्तिबोध, अज्ञेय का संज्ञान है हिन्दी !
बोस, भगत और सावरकर की ज्वाला है हिन्दी !
भीलनी के राम का प्रेम है हिन्दी !
क्रष्ण के ज्ञान का भंडार है हिन्दी !
बेटी ही सही संस्कृत की भाष्यो पहचान है हिन्दी!!
 शांति और आत्मबोध का ज्ञान है हिन्दी!!
अंग्रेज़ो भारत छोड़ो की ताल है हिन्दी !
इस माटी मे मिले रक्तकण की डाल है हिन्दी !
प्रेमचंद की पंचतंत्र का बोल है हिन्दी !
अमूल्य किलकारी का झोल है हिन्दी !!
देसी से खड़ी हुई दिलो मे बसी हुई एक डोर है हिन्दी !
विश्व पटल एक छोर से दूसरे छोर पर है हिन्दी !
हर भारतवासी की पहचान है हिन्दी  !
भारत के जन जन की पहचान है हिन्दी !
अँग्रेजी मजबूरी तो स्वाभिमान है हिन्दी !!

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