मेरे पुराने लेखो मे मैंने कहा भी है कि हिन्दी को सम्मान दे बिंदी न बनाए। हम सभी के लिए गर्व की बात है की एक अँग्रेजी समाचार पत्र मे खबर छपती है की हिन्दी भारत मे 44 % लोगो की मातृभाषा है और बंगला दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा (संदर्भ :- https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-mother-tongue-of-44-in-india-bangla-second-most-spoken/articleshow/64755458.cms)। पर एक विषय अभी अछूता है एवं विडम्बना से भरा है। समाचार छपा अँग्रेजी मे पता चला अँग्रेजी पढ़ने वालो को परंतु जो हिन्दी या बंगला बोलता है उन्हे पता ही नही।वह आज भी अँग्रेजी के सामने दोयम ही समझे जाते है। इन बेड़ियो को तोड़े सभी साथ आये और भारतीय भाषाओ को सम्मान दे । अधिक से अधिक राष्ट्रभाषा मे कार्य करने का प्रयास करे, जो राष्ट्र भाषा मे कार्य करे उसे यथोचित सम्मान दे ......, हमारी राष्ट्रभाषा विश्व की सर्वश्रेष्ठ भाषा हो.......
शेष शुभ……..
भवदीय
विकास
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